वाल्मीकि रामायण Valmiki Ramayan By: Swami Jagdishwaranand Sarswati

450.00

74 in stock

स्वामी जगदीश्वरानन्द सरस्वती आर्य जगत् के सुप्रसिद्ध विद्वान् , निरन्तर साहित्य साधना में संलग्न , रामायण के समालोचक एवं मर्मज्ञ लेखक थे । इस पुस्तक द्वारा आप अपने प्राचीन गौरवमय इतिहास की झांकी , मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन का अध्ययन , प्राचीन राज्यव्यवस्था का स्वरुप देख सकते हैं । - यदि आप भ्रातृ – प्रेम नारी- गौरव आदर्श सेवक , आदर्श मित्र , आदर्श राज्य , आदर्श पुत्र के स्वरुपों का अवलोकन या आप रामायण का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहते हैं तो यह रामायण अवश्य पढ़ें । यह ग्रन्थ सैकड़ों टिप्पणियों से समलंकृत सम्पूर्ण रामायण 7000 श्लोकों में पूर्ण हुआ है ।

Commentary by Swami Jagdishwaranand,  After reading this edition you will emerge with greater courage , stronger will and purer mind . It contains selected shalokas out of the thousands of them which the author analyzed to be of Maharshi Valmiki . You will find the appeal and freshness of this epic poem transcend all limitation imposed by time , space , age , caste , creed , society and language . Swamiji revised this edition and suggested to include some authentic pictures . Now this is revised & computerized .

  Ask a Question

स्वामी जगदीश्वरानन्द सरस्वती आर्य जगत् के सुप्रसिद्ध विद्वान् , निरन्तर साहित्य साधना में संलग्न , रामायण के समालोचक एवं मर्मज्ञ लेखक थे । इस पुस्तक द्वारा आप अपने प्राचीन गौरवमय इतिहास की झांकी , मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन का अध्ययन , प्राचीन राज्यव्यवस्था का स्वरुप देख सकते हैं । – यदि आप भ्रातृ – प्रेम नारी- गौरव आदर्श सेवक , आदर्श मित्र , आदर्श राज्य , आदर्श पुत्र के स्वरुपों का अवलोकन या आप रामायण का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहते हैं तो यह रामायण अवश्य पढ़ें । यह ग्रन्थ सैकड़ों टिप्पणियों से समलंकृत सम्पूर्ण रामायण 7000 श्लोकों में पूर्ण हुआ है ।

Commentary by Swami Jagdishwaranand,  After reading this edition you will emerge with greater courage , stronger will and purer mind . It contains selected shalokas out of the thousands of them which the author analyzed to be of Maharshi Valmiki . You will find the appeal and freshness of this epic poem transcend all limitation imposed by time , space , age , caste , creed , society and language . Swamiji revised this edition and suggested to include some authentic pictures . Now this is revised & computerized .

Be the first to review “वाल्मीकि रामायण Valmiki Ramayan By: Swami Jagdishwaranand Sarswati”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Reviews

There are no reviews yet.

No more offers for this product!

General Inquiries

There are no inquiries yet.

Main Menu

वाल्मीकि रामायण Valmiki Ramayan By: Swami Jagdishwaranand Sarswati

450.00

Add to Cart