उपनिषद रहस्य- एकादशोपनिशद Upnishad Rahasya – Ekadashopnishad By: Mahatma Narayan Swami

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उपनिषद् शब्द का एक अर्थ ‘ रहस्य ‘ भी है । उपनिषद् अथवा ब्रह्म विद्या अत्यन्त गूढ़ होने के कारण साधारण विद्याओं की भाँति हस्तगत नहीं हो सकती , इन्हें ‘ रहस्य ‘ कहा जाता है । इन रहस्यों को उजागर करने वालों में महात्मा नारायण स्वामीजी का नाम उल्लेखनीय है । उपनिषदों में ब्रह्म और आत्मा की बात इतनी अच्छी प्रकार से समझाई गई है कि सामान्य बुद्धि वाले भी उसका विषय समझ लेते हैं । महात्मा नारायण स्वामीजी ने अनेक स्थानों पर सरल , सुबोध तथा रोचक कथाएँ प्रस्तुत कर इन्हें उपयोगी बना दिया है । वास्तव में उपनिषदों में विवेचित ब्रह्मविद्या का मूलाधार तो वेद ही हैं । इस सम्बन्ध में महर्षि दयानन्दजी कहते हैं- ” वेदों में पराविद्या न होती , तो ‘ केन ‘ आदि उपनिषदें कहाँ से आतीं ? ” आइए ग्यारह उपनिषदों के माध्यम से मानवीय भारतीय चिन्तन की एक झाँकी लें ।

The word Upanishad means the setting down of the disciple near his teacher in a devoted manner to receive instruction about the Highest Reality which loosens all doubts and destroys all ignorance of the disciple. The Author translated these Upanishads according to the philosophy of Svami Dayanand Sarasvati. Authentic and Lucid Hindi translation all of Eleven Upanishads by a great vedic scholar and Mahatma Narain Swami, will clarify many doubts regarding the principles of the Upanishads and will show a new path to the admirers and readers of the Upanishads.

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उपनिषद् शब्द का एक अर्थ ‘ रहस्य ‘ भी है । उपनिषद् अथवा ब्रह्म विद्या अत्यन्त गूढ़ होने के कारण साधारण विद्याओं की भाँति हस्तगत नहीं हो सकती , इन्हें ‘ रहस्य ‘ कहा जाता है । इन रहस्यों को उजागर करने वालों में महात्मा नारायण स्वामीजी का नाम उल्लेखनीय है । उपनिषदों में ब्रह्म और आत्मा की बात इतनी अच्छी प्रकार से समझाई गई है कि सामान्य बुद्धि वाले भी उसका विषय समझ लेते हैं । महात्मा नारायण स्वामीजी ने अनेक स्थानों पर सरल , सुबोध तथा रोचक कथाएँ प्रस्तुत कर इन्हें उपयोगी बना दिया है । वास्तव में उपनिषदों में विवेचित ब्रह्मविद्या का मूलाधार तो वेद ही हैं । इस सम्बन्ध में महर्षि दयानन्दजी कहते हैं- ” वेदों में पराविद्या न होती , तो ‘ केन ‘ आदि उपनिषदें कहाँ से आतीं ? ” आइए ग्यारह उपनिषदों के माध्यम से मानवीय भारतीय चिन्तन की एक झाँकी लें ।

The word Upanishad means the setting down of the disciple near his teacher in a devoted manner to receive instruction about the Highest Reality which loosens all doubts and destroys all ignorance of the disciple. The Author translated these Upanishads according to the philosophy of Svami Dayanand Sarasvati. Authentic and Lucid Hindi translation all of Eleven Upanishads by a great vedic scholar and Mahatma Narain Swami, will clarify many doubts regarding the principles of the Upanishads and will show a new path to the admirers and readers of the Upanishads.

Additional information

Weight 1.28 kg
Dimensions 22.606 × 14.986 cm
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